Quantum Internet क्या है? भारत में कब आएगा | Future of Secure Internet in Hindi

Hello दोस्तों! मैं आशा करता हु ,कि आप सभी अच्छे होंगे। तो आज हम Quantum Internet क्या होती है ,के बारे में जानने वाले है। Quantum  Internet जो है व् Quantum Computer का ही भाग है। इसका उपयोग विशिष्ट प्रकार की समस्याओ को हल करने के लिए किया जायेगा। तो ज्यादा देरी न करते हुए आइये Quantum Internet क्या होता है ? जानते है।   

Quantum internet image

Quantum Internet क्या है? और ये कब आएगा भारत में?

 भूमिका: क्या आज का इंटरनेट पर्याप्त है?

आज के समय में हम 4G और 5G जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इंटरनेट की गति, सुरक्षा और विश्वसनीयता हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन चुकी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आने वाले वर्षों में यह तकनीक पूरी तरह बदलने वाली है?
Quantum Internet एक ऐसी तकनीक है जो ना सिर्फ इंटरनेट की स्पीड को नई ऊंचाई पर ले जाएगी, बल्कि डेटा सुरक्षा के मामले में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। यह ब्लॉग Quantum Internet को आसान और विस्तार में समझाने के लिए लिखा गया है।

 Quantum Internet क्या होता है?

Quantum Internet एक ऐसा इंटरनेट नेटवर्क है जो क्वांटम भौतिकी (Quantum Physics) के सिद्धांतों पर काम करता है। इसमें डेटा को फोटॉन (photon - प्रकाश का एक अणु) के माध्यम से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ट्रांसमिट किया जाता है।

 लेकिन इसमें खास क्या है?

Quantum Internet की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें Quantum Entanglement और Superposition जैसे सिद्धांतों का इस्तेमाल होता है। इन सिद्धांतों के अनुसार, एक कण की स्थिति दूसरी जगह मौजूद उसके जुड़वां कण से जुड़ी होती है — चाहे वे कितनी भी दूर क्यों न हों।
मतलब, अगर आपने एक फोटॉन को बदल दिया, तो उससे जुड़ा दूसरा फोटॉन भी तुरंत बदल जाएगा — चाहे वो दुनिया के किसी भी कोने में क्यों न हो।

 Quantum Internet कैसे काम करता है?

1. Quantum Entanglement (क्वांटम उलझाव)

जब दो क्वांटम पार्टिकल्स (जैसे फोटॉन) को एक विशेष तरीके से जोड़ा जाता है, तो वे एक-दूसरे से हमेशा जुड़े रहते हैं। अगर आप एक पर कोई असर डालते हैं, तो दूसरा भी तुरंत उसी तरह बदल जाता है।

2. Quantum Superposition (क्वांटम अधिस्थिति)

एक फोटॉन एक साथ कई स्टेट्स में रह सकता है — जब तक कि आप उसे मापें नहीं। इससे डेटा कई संभावनाओं के साथ एक साथ ट्रांसफर किया जा सकता है।

3. Quantum Key Distribution (QKD)

Quantum Internet में डेटा encryption के लिए QKD तकनीक का इस्तेमाल होता है, जिसमें sender और receiver के बीच एक secure key बनती है। अगर कोई तीसरा व्यक्ति इसे intercept करता है, तो पूरा सिस्टम उसे detect कर लेता है।

 Quantum Internet के फायदे

 1. Absolute Security

Quantum encryption को हैक करना नामुमकिन माना जाता है। जैसे ही कोई तीसरा व्यक्ति data stream में हस्तक्षेप करता है, सिस्टम तुरंत उसे detect कर लेता है।

 2. Ultra-Fast Speed

Quantum signals की ट्रांसमिशन स्पीड आज के इंटरनेट से कई गुना अधिक हो सकती है।

 3. Data Tampering नामुमकिन

Quantum डेटा में बदलाव या छेड़छाड़ संभव नहीं होती क्योंकि जैसे ही आप डेटा को measure करते हैं, उसकी स्थिति बदल जाती है।

 4. एक नया इंटरनेट इकोसिस्टम

Quantum Internet सिर्फ तेज़ और सुरक्षित नहीं होगा, बल्कि यह AI, Robotics, Space Communication, और Cryptography जैसी तकनीकों को भी एक नया रूप देगा।

 दुनिया में Quantum Internet की स्थिति

🇨🇳 चीन (China)

चीन ने 2016 में "Micius" नामक एक Quantum Satellite लॉन्च किया।
उन्होंने दुनिया का पहला Quantum-encrypted वीडियो कॉल किया था।
चीन का मकसद है पूरी तरह से hack-proof communication system बनाना।

🇺🇸 अमेरिका (USA)

अमेरिका में “Chicago Quantum Exchange” द्वारा Quantum Network तैयार किया जा रहा है।
Google, IBM, और NASA भी Quantum Research में भारी निवेश कर रहे हैं।

🇪🇺 यूरोप (EU)

यूरोपीय यूनियन ने “Quantum Flagship” नाम का एक 1 अरब यूरो का प्रोजेक्ट शुरू किया है।
इसका उद्देश्य पूरे यूरोप में Quantum Internet का विस्तार करना है।

🇮🇳 भारत में Quantum Internet की स्थिति

भारत ने भी Quantum Revolution की ओर कदम बढ़ा दिया है।

 1. National Quantum Mission (NQM) – 2023

भारत सरकार ने 2023 में ₹6000 करोड़ की लागत से National Quantum Mission की घोषणा की। इसका उद्देश्य है:
Quantum Technologies में आत्मनिर्भर बनना
Secure communication systems तैयार करना
Indigenous Quantum Computers और Internet बनाना

 2. प्रमुख संस्थान:

IIT Madras – Quantum Networking पर काम कर रहा है
ISRO – Quantum Satellite पर शोध कर रहा है
DRDO – रक्षा के लिए Quantum Encryption पर कार्यरत

 3. QKD Trials:

भारत में 2021 में पहली बार Quantum Key Distribution (QKD) का सफल परीक्षण किया गया था।

 भारत में Quantum Internet कब तक आएगा?

 अनुमान:

2025-26: Pilot Projects और Government Communication में प्रयोग
2028 तक: Defense और Research Communication में उपयोग
2030+: आम जनता के लिए Quantum Internet की शुरुआत संभव

 Quantum Internet का भविष्य

Quantum Internet आने वाले 10 से 20 वर्षों में हमारे जीवन के कई क्षेत्रों को बदल देगा:
क्षेत्र असर
Cybersecurity 100% Secure Communication
Banking Quantum-safe transactions
Space Communication Lag-free secure channels
Healthcare Fast, private data transfer
Military Spy-proof और instant communication

 Quantum Internet कैसे सीखें?

अगर आप इस क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं:
NPTEL / SWAYAM के कोर्स करें (IIT Madras, IISc से)
Coursera, edX पर MIT और Stanford के Quantum Internet कोर्स हैं
QpiAI, TCS Research और DRDO जैसे संस्थानों से इंटर्नशिप/प्रोजेक्ट में जुड़ें

 निष्कर्ष:-

Quantum Internet सिर्फ एक नई तकनीक नहीं, बल्कि इंटरनेट की दुनिया में एक विकास की क्रांति है। जिस तरह 1990 के दशक में इंटरनेट ने सब कुछ बदल दिया था, वैसे ही Quantum Internet भविष्य के हर क्षेत्र — विज्ञान, रक्षा, बैंकिंग, स्वास्थ्य और आम जीवन — को पूरी तरह से रूपांतरित कर देगा।
भारत ने इस दिशा में मजबूत शुरुआत कर दी है और यदि नीति, शिक्षा और तकनीक का सही तालमेल बना रहा तो हम 2030 तक Quantum Internet का हिस्सा बन सकते हैं।

तकनीक की दुनिया तेजी से बदल रही है। कल तक जहां हम 5G इंटरनेट की बात कर रहे थे, वहीं अब Quantum Internet हमारे दरवाज़े पर दस्तक दे रहा है। शायद आपने इसके बारे में कहीं सुना हो, लेकिन आज इस ब्लॉग में हम आपको विस्तार से बताएंगे कि Quantum Internet आखिर है क्या, यह कैसे काम करता है, और भारत में यह कब तक आ सकता है।

मैं आशा करता हु की आप को कुछ नया जानने को मिला होगा। ब्लॉग पड़ने के लिए आप का धन्यवाद। 

Quantum Internet :Wikipedia

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