Hello दोस्तों ! मैं आशा करता हु की आप सभी अच्छे होंगे। तो आज हम भारत में Quantum Computer की स्थिति , QpiAI की उपलब्धि , National Quantum Mission के बारे में जानेंगे। Quantum Computer को बनाने का विचार सबसे पहले 1981 में अमेरिकी वैज्ञानिक रिचर्ड फाइनमैन के दिमाग में आया था। इनके अनुसार कुछ प्रोब्लम्ब ऐसे होते है जिन्हे सामान्य कंप्यूटर के द्वारा सुल्झया नहीं जा सकता है उसके लिए Quantum कंप्यूटर की औसकता होती है।
1998 में सबसे पहला Quantum कंप्यूटर को बनाया गया था। इसके बाद अमेरिका , कनाडा ,चाइना जैसे बड़े और विकसित देश इस डिश में तेजी से कार्य करना शुरू किया। आज यह तकनीक पूरी दुनिया को बदलने की और आगे बढ़ रही है। तो आइए अब Quantum Computer क्या है ,आसान भाषा में इसकी पूरी जानकारी को जानते है।
भारत में Quantum Computer :भविष्य की ओर बढ़ता कदम :-
दुनिया के कई विकसित देश Quantum Computing पर काम कर रहे है। लेकिन भारत भी अब इस डिसा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जहा कुछ सालो पहले तक Quantum कंप्यूटर महज एक कल्पना थी। लेकि अब भारत में यह एक हकीकत बनता जा रहा है। आइये जानते है की भारत में Quantum कंप्यूटर का क्या हल है। भविष्य में हमें कैसे प्रभावित करेगा।
Quantum कंप्यूटर एक ऐसा कंप्यूटर होता है जो सामान्य कंप्यूटर से कई गुना अधिक शक्तिशाली व् तेज कार्य करता है। यह Quantum कंप्यूटर ,Quantum फिज़िक्स के नियमो जैसे की superposition और Entanglement पर कार्य करता है। इसमें Qubit नमक यूनिट होता है। जो एक साथ 0 और 1 दोनों स्थितिओ में रह सकती है। जिससे यह एक समय में हजारो गणनाय कर सकती है।
भारत में Quantum Computing की वर्तमान स्थिति ?
भारत सरकार ने 2023 में "नेशनल Quantum मिशन "(NQM) की घोषणा की थी। जिसका बजट 6000 करोड़ से भी ज्यादा है। इस मिशन का उदेश्य है की -
1. भारत में स्वदेशी Quantum कंप्यूटर को विकशित करना।
2. Quantum communication , Encryption और Network तैयार करना।
3. नए Quantum Sensor और Software बनाना।
4. IIT , IISc , IISER और अन्य रिसर्च संस्थानों को जोड़ना।
लक्ष्य :- 2030 तक भारत को अन्य सभी देशो से quantum technology के क्षेत्र में सबसे आगे निकलना।
QpiAI - भारत की सबसे पहली Quantum Computing कम्पनी
QpiAI नाम का बेंगलूर में एक कम्पनी है जिन्होंने 2024 में सबसे पहला 25 - Qubit Quantum
Computer को पेश किया है। यह देश की पहली स्वदेशी quantum machine है।
1. इसके बाद इसने भारत को US , चाइना , UE के बाद चौथा नंबर पर ला कर खड़ा कर।
2. QpiAI का लक्ष्य है एजुकेशन , डिफेंस , और AI सेक्टर में Quantum सिस्टम त्यार करना।
सैक्षनिक संस्थाओ की भूमिका :-
भारत के कई प्रमुख संसथान क्वांटम रिसर्च में सक्रीय है।
1. Tata Institute of fundamental research (TIFR) , Mumbai
2. IISER Bhopal - एक Quantum research सेंटर स्थापित कर है।
3. IIT Madras , IIT Delhi , IIT Bombay - Quantum Courses और projects चला रहे है
इन संस्थाओ के माध्यम से भारत में Quantum से जुड़े Engineers , physicists और Researchers जा रहे है।
भारत में Quantum computing के संभावित उपयोग ?
quantum Computing भारत के कई क्षेत्र में क्रांति ला सकता है।
1. रक्षा क्षेत्र में :- secure communication और cyber security .
2. स्वस्थ के क्षेत्र में :- दवाओं की खोज आदि।
3. जलवायु अध्यन में :- मौसम की सटीक जानकारी और क्लाइमेट मॉडलिंग में।
4. आर्टिफिसियल इंटेलिजंस :- तेज स्मार्ट अल्गोरिदम।
भविष्य की योजना और संभावनाए ?
1. भारत अगले 5 - 7 वर्षो में 50 - 100 Qubit तक के Quantum कंप्यूटर बनाना चाहता है।
2. भारत में ज्यादा ही Quantum इंटरनेट और secure Network communication की शुरुवात है।
3. देश भर Quantum lab और courses को स्कूल और कॉलेज स्तर पर शामिल किया जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य है की 2030 तक भारत एक Quantum सुपरपावर बने।
अक्सर पूछे जाने वाल्व सवाल
Q1. क्या भारत में Quantum Computer बन चूका है ?
हां , QpiAI ने 25 - Qubit का पहला Quantum
computer बनाया है।
Q2. क्या भारत में Quantum शिखी जा सकती है?
हां ,IITs , IIITs ,और ऑनलाइन प्लेटफार्म जैसे NPTEL और Coursera पर कोर्स उपलब्ध है।
निष्कर्ष :-
Quantum Computing सिर्फ भविष्य की नहीं ,बल्कि भारत की वर्तमान रणनीति का भी हिस्सा है। सरकार और निजी कर इस आम बनाने की दिशा कर है। यदि आप टेक्नोलॉजी रखते है तो Quantum Computing से जुड़ना आपके करियर और ज्ञान दोनों के लिए फायदेमंद हो सकता है।
आप का यह पढ़ने के लिए धन्यवाद।
0 Comments